मंगलवार, 14 जून 2011

Ak Safar Kavyitri Ramnika Gupta Ji Ke Saath...

                        एक सफ़र कवयित्री रमणिका गुप्ता जी के साथ...





अगर जिजीविषा हो.... तो इंसान हार नहीं सकता,  इसका सशक्त उदाहरण रमणिका गुप्ता जी हैं....

1 टिप्पणी:

  1. सही कहा मैडम आपने इंसान चाहे तो क्या नहीं कर सकता ! इस बात को हम शायद सैकड़ों बार सुन चुके हों , पर इस पर गौर कम ही करते हैं और खुद ऐसा इंसान बनने का प्रयास तो गिने -चुने ही लोग करते हैं।
    - गणेश डी.के.

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